सावन 2026 गजानन संकष्टी चतुर्थी: 2 अगस्त को कब है व्रत? जानें शुभ मुहूर्त, चंद्रोदय का समय, पूजा विधि, मंत्र, व्रत कथा और महत्व

सावन 2026 गजानन संकष्टी चतुर्थी 2 अगस्त को कब है? जानें चतुर्थी तिथि, शुभ मुहूर्त, चंद्रोदय का समय, पूजा विधि, व्रत नियम, मंत्र, कथा, शुभ योग और धार्मिक महत्व।

Published On 2026-08-01 17:25 GMT   |   Update On 2026-08-01 17:25 GMT

सावन 2026 गजानन संकष्टी चतुर्थी: जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, चंद्रोदय का समय, पूजा विधि, मंत्र और व्रत कथा

गजानन संकष्टी चतुर्थी भगवान श्रीगणेश को समर्पित महत्वपूर्ण व्रतों में से एक मानी जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन विधि-विधान से गणपति बप्पा की पूजा करने और चंद्रमा को अर्घ्य देने से जीवन के संकट दूर होते हैं तथा सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। वर्ष 2026 में सावन मास की गजानन संकष्टी चतुर्थी 2 अगस्त (रविवार) को मनाई जाएगी।

गजानन संकष्टी चतुर्थी तिथि (Gajanana Sankashti Chaturthi 2026 Date)

वैदिक पंचांग के अनुसार, श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि 1 अगस्त को रात में 11 बजकर 8 मिनट पर शुरू हो रही हैं, जो 2 अगस्त को रात 11 बजकर 14 मिनट पर समाप्त हो रही है। ऐसे में चंद्रोदय और उदया तिथि के हिसाब से गजानन संकष्टी चतुर्थी का व्रत 2 अगस्त, रविवार को रखा जा रहा हैं।

गजानन संकष्टी चतुर्थी 2026 मुहूर्त (Gajanana Sankashti Chaturthi 2026 Shubh Muhurat)

ब्रह्म मुहूर्त- प्रात:काल में 04:18 ए एम से 05:02 ए एम

अभिजीत मुहूर्त- दोपहर 12:00 पी एम से लेकर दोपहर 12:53 पी एम तक

गणेश जी की पूजा मुहूर्त- सुबह में 07:25 ए एम से लेकर दोपहर 12:26 पी एम तक

निशिता मुहूर्त: देर रात 12:06 ए एम से 3 अगस्त को 12:49 ए एम तक

गजानन संकष्टी चतुर्थी 2026 चंद्रोदय समय (Gajanana Sankashti Chaturthi 2026 Moon Timing)

गजानन संकष्टी चतुर्थी के दिन चंद्रमा के उदित होने का समय 2 अगस्त को रात 09:24 बजे होगा। इसके बाद चंद्र देव को अर्घ्य देने के साथ अपनी पूजा संपन्न कर सकते हैं।

गजानन संकष्टी चतुर्थी पर पंचक

इस साल श्रावण की इस संकष्टी चतुर्थी पर पंचक का साया रहने वाला है। शुक्रवार के दिन शुरू होने वाले इस पंचक को चोर पंचक कहा जाएगा।

गजानन संकष्टी चतुर्थी 2026 पर बन रहे शुभ योग (Gajanana Sankashti Chaturthi 2026 Shubh Yog)

इस साल सावन संकष्टी चतुर्थी के दिन सर्वार्थ सिद्धि के साथ सुकर्मा योग का निर्माण हो रहा है, जो काफी शुभ माना जा रहा है।

गजानन संकष्टी चतुर्थी 2026 पूजा विधि (Gajanana Sankashti Chaturthi 2026 Puja Vidhi)

इस दिन सूर्योदय में पहले उठकर सभी कामों से निवृत्त होकर स्नान कर लें और साफ-सुथरेस शुद्ध कपड़े पहन लें। अगर आप व्रत रख रहे हैं, तो व्रत का संकल्प लें। इसके लिए हाथों में फूल और अक्षत लेकर श्री गणेश का मनन करते हुए व्रत का संकल्प लें। अब सूर्यदेव को अर्घ्य दें। इसके लिए एक तांबे के लोटे में जल, सिंदूर और फूल डालकर अर्घ्य दें। इसके बाद गणेश जी की पूजा करें। सबसे पहले गणेश की शुद्ध पानी और पंचामृत से अभिषेक करें। इसके बाद भगवान को नए वस्त्र, श्रृंगार आदि पहनाएं। अब चंदन, सिंदूर, फूल, माला, अक्षत आदि लगाने के बाद मोदक, लड्डू, मौसमी फल आदि चढ़ाने के बाद घी का दीपक और धूप जला लें। इसके साथ ही संकष्टी व्रत कथा का पाठ, गणेश चालीसा,गणेश मंत्र के बाद गणेश आरती कर लें। फिर भूल चूक के लिए मांगी मांग लें। इसके बाद शाम के समय दोबारा पूजा करके चंद्रमा को अर्घ्य देने के साथ पूजा कर लें।

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