Maa Kushmanda Ki Aarti 2026: नवरात्रि के चौथे दिन पढ़ें मां कूष्मांडा की पूरी आरती और मंत्र
Maa Kushmanda Ki Aarti 2026: शारदीय नवरात्रि के चौथे दिन पढ़ें मां कूष्मांडा की पूरी आरती और पूजा का मंत्र ॐ देवी कूष्माण्डायै नमः। जानें आरती पाठ का धार्मिक महत्व और मां से सुख-समृद्धि व खुशहाली की प्रार्थना करने का तरीका।
मां कूष्मांडा की आरती (Maa Kushmanda Ki Aarti)
नवरात्रि के चौथे दिन मां दुर्गा के चौथे स्वरूप मां कूष्मांडा की पूजा की जाती है। पूजा के अंत में मां की आरती करके सुख-समृद्धि और खुशहाली की प्रार्थना की जाती है। यहां पढ़ें मां कूष्मांडा की पूरी आरती।
॥ आरती देवी कूष्मांडा जी की ॥
कूष्मांडा जय जग सुखदानी।
मुझ पर दया करो महारानी॥
पिंगला ज्वालामुखी निराली।
शाकंबरी मां भोली भाली॥
लाखों नाम निराले तेरे।
भक्त कई मतवाले तेरे॥
भीमा पर्वत पर है डेरा।
स्वीकारो प्रणाम ये मेरा॥
सबकी सुनती हो जगदंबे।
सुख पहुंचाती हो मां अंबे॥
तेरे दर्शन का मैं प्यासा।
पूर्ण कर दो मेरी आशा॥
मां के मन में ममता भारी।
क्यों न सुनेगी अरज हमारी॥
तेरे दर पर किया है डेरा।
दूर करो मां संकट मेरा॥
मेरे कारज पूरे कर दो।
मेरे तुम भंडारे भर दो॥
तेरा दास तुझे ही ध्याए।
भक्त तेरे दर शीश झुकाए॥
जय मां कूष्मांडा!
मां कूष्मांडा का मंत्र
ॐ देवी कूष्माण्डायै नमः॥
नवरात्रि के चौथे दिन मां कूष्मांडा की आरती और मंत्र का श्रद्धापूर्वक पाठ करें। आरती के बाद मां को भोग लगाएं और परिवार की सुख-शांति तथा खुशहाली की कामना करें।