त्रिपुरा सुंदरी मंदिर: 51 शक्तिपीठों में शामिल माता त्रिपुर सुंदरी धाम का इतिहास, महत्व और कैसे पहुंचें

जानें त्रिपुरा सुंदरी मंदिर (माताबाड़ी) का इतिहास, धार्मिक महत्व, शक्तिपीठ की मान्यता और अगरतला से मंदिर तक पहुंचने का आसान मार्ग। पढ़ें पूरी जानकारी।

Published On 2026-06-11 16:07 GMT   |   Update On 2026-06-11 16:07 GMT

त्रिपुरा सुंदरी मंदिर: इतिहास, महत्व और कैसे पहुंचें

त्रिपुरा सुंदरी मंदिर भारत के प्रमुख शक्तिपीठों में से एक है। यह मंदिर उदयपुर, त्रिपुरा में स्थित है और माता त्रिपुरा सुंदरी को समर्पित है। इसे स्थानीय रूप से माताबाड़ी के नाम से भी जाना जाता है। यह मंदिर 51 शक्तिपीठों में से एक माना जाता है और पूर्वोत्तर भारत के सबसे महत्वपूर्ण तीर्थस्थलों में गिना जाता है।

त्रिपुर सुंदरी मंदिर का इतिहास

इतिहास के अनुसार महाराजा धन्य माणिक्य ने भगवान विष्णु के लिए मंदिर बनवाने का विचार किया था, लेकिन उन्हें सपने में देवी त्रिपुर सुंदरी की स्थापना का आदेश मिला। इसके बाद देवी की काले पत्थर की प्रतिमा चटगांव (वर्तमान बांग्लादेश) से लाकर यहां स्थापित की गई। मंदिर आज भी पूर्वोत्तर भारत के सबसे प्रमुख शक्ति उपासना केंद्रों में गिना जाता है।

कैसे पहुंचें मंदिर

त्रिपुरा सुंदरी मंदिर त्रिपुरा की राजधानी अगरतला से लगभग 55 किलोमीटर दूर उदयपुर शहर में है। अगरतला का महाराजा बीर बिक्रम एयरपोर्ट यहां का सबसे पास हवाई अड्डा है। वहीं एयरपोर्ट से टैक्सी और बस आसानी से मिल जाती हैं। रेल मार्ग से आने वाले लोगों के लिए अगरतला रेलवे स्टेशन सबसे पास है और फिर सड़क मार्ग से मंदिर जा सकते हैं।

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