सावन 2026: शिव जी की आरती 'ॐ जय शिव ओंकारा' का महत्व, आरती करने का सही समय, पूजा विधि और लाभ

Sawan 2026: जानें शिव जी की प्रसिद्ध आरती 'ॐ जय शिव ओंकारा' का धार्मिक महत्व, आरती करने का सही समय, पूजा विधि, सावन सोमवार का महत्व और भगवान शिव की कृपा पाने के उपाय।

Published On 2026-07-30 17:20 GMT   |   Update On 2026-07-30 17:20 GMT

सावन 2026: शिव जी की आरती 'ॐ जय शिव ओंकारा' का महत्व, आरती करने का सही समय और पूजा विधि

सावन का महीना भगवान शिव की उपासना के लिए सबसे पवित्र माना जाता है। इस पूरे माह में विशेष रूप से सावन सोमवार के दिन शिवलिंग का जलाभिषेक, रुद्राभिषेक, मंत्र जाप और 'ॐ जय शिव ओंकारा' आरती का विशेष महत्व बताया गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार आरती के साथ शिव पूजा पूर्ण मानी जाती है और इससे भगवान भोलेनाथ की कृपा प्राप्त होती है।

ॐ जय शिव ओंकारा… आरती

जय शिव ओंकारा, ॐ जय शिव ओंकारा ।

ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव, अर्द्धांगी धारा ॥

ॐ जय शिव ओंकारा

एकानन चतुरानन पंचानन राजे ।

हंसासन गरूड़ासन वृषवाहन साजे ॥

ॐ जय शिव ओंकारा

दो भुज चार चतुर्भुज दसभुज अति सोहे ।

त्रिगुण रूप निरखते त्रिभुवन जन मोहे ॥

ॐ जय शिव ओंकारा

अक्षमाला वनमाला मुण्डमाला धारी ।

त्रिपुरारी कंसारी कर माला धारी ॥

ॐ जय शिव ओंकारा

ॐ जय शिव ओंकारा

सुखकारी दुखहारी जगपालन कारी ॥

कर के मध्य कमंडलु चक्र त्रिशूलधारी ।

ॐ जय शिव ओंकारा

सनकादिक गरुणादिक भूतादिक संगे ॥

श्वेतांबर पीतांबर बाघंबर अंगे ।

ब्रह्मा विष्णु सदाशिव जानत अविवेका ।

प्रणवाक्षर में शोभित ये तीनों एका ॥

ॐ जय शिव ओंकारा

लक्ष्मी व सावित्री पार्वती संगा ।

पार्वती अर्द्धांगी, शिवलहरी गंगा ॥

ॐ जय शिव ओंकारा

त्रिगुणस्वामी जी की आरती जो कोइ नर गावे ।

कहत शिवानंद स्वामी सुख संपति पावे ॥

ॐ जय शिव ओंकारा।

शिव आरती करने का धार्मिक महत्व

शिव जी की आरती ‘ॐ जय शिव ओंकारा’ अत्यंत लोकप्रिय आरती मानी जाती है। सावन माह में इस आरती को करके भक्त अपनी श्रद्धा और कृतज्ञता व्यक्त करते हैं। इसके साथ ही मन में शांति, एकाग्रता से लेकर सकारात्मक ऊर्जा की बढ़ोतरी हो सकती है। इस आरती में भगवान शिव के विभिन्न स्वरूपों के साथ उनकी महिमा का गुणगान किया गया है। इस आरती को करने से घर-परिवार में सुख-शांति बनी रहती हैं और मान-सम्मान की भी वृद्धि हो सकती हैं।

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